मकर राशि के व्यक्ति का स्वभाव और उपयोगी बातें – Capricorn zodiac sign personality in hindi

Spread the love

मकर राशि के व्यक्ति का स्वभाव:मकर राशि दसवे नम्बर की राशि है। काल पुरुष की कुंडली में इसका स्थान दसवे भाव में होता है।मकर राशि का चिन्ह जंगली बकरा है।यह मेष राशि के प्रतिक मेढ़ा जैसा ही लगता है। जो जंगलो में चल जाता है पहाड़ियों पर चढ़ जाता है।इस राशि के जातक प्रैक्टिकल किस्म के होते है जिन्हे जीवन में निरंतर प्रयास करना आवश्यक है।

यह अंदर से डर और चिंताओं से युक्त होते है।अपने बारे में ज्यादा बताते नहीं है। यह मैनेजमेंट वाले कामो में अच्छे होते है। किसी स्थिति को बहुत गहरे में समझते है। इनकी कार्य शैली बहुत अच्छी होती है। किसी बात को खुल के नहीं बोलते। यह अपने आप को ठीक से एक्सप्रेस नहीं कर पाते।

मकर राशि के व्यक्ति का स्वभाव,Capricorn zodiac sign personality in hindi

मकर राशि के व्यक्ति का स्वभाव

  • यह मितव्ययी, विचारशील, उत्तम विवेक शक्ति, सत्ताप्रेमी, आत्मनिर्भर, बुद्धिजीवी होते है।
  • किसी भी कार्य में सफलता नहीं मिलने तक निराश ही रहते है।
  • सांसारिक कार्यों में तथ्यों और आंकड़ों का प्रयोग करते हैं। ईमानदार और निष्कपट होते हैं।
  • शक्ति के आगे अडिग रहते है परंतु सज्जनता और मित्रता के सामने नतमस्तक हो जाते हैं।
  • संगठन क्षमता उत्तम होती है।
  • कठिनाई में भी किसी से सहायता के लिए नहीं कहते हैं।
  • वाकशक्ति में बाधाएं रहती है उच्च और सामाजिक पदो के लिए उपयुक्त होते हैं।
  • तकनीकी और वित्तीय कार्यों में सफल होते हैं।
  • नवागंतुकों के साथ मित्रता में शिथिल रहते है। पर पुराने मित्रों से अच्छे संबंध होते हैं।
  • प्रेम प्रसंग में रूचि कम होती हे। पर परविार और प्रियजनों की उत्तम देखभाल करते हैं।
  • विपरीत लिंग के व्यक्तियों से बातचीत में शिथिल और अति सावधान रहते हैं।

शारीरिक संरचना: इनका दुबला-पतला शरीर, उम्र के साथ स्वास्थ्य ठीक होता है, बडे़ दांत, बड़ा मुख, नाक विशिष्ट रहती है। बाल काले और मोटे हैं, चेहरा पतला और अंडाकार , कुबड़ी कमर, घुटनों पर मस्सा या निशान, मगरमच्छ के समान जबड़े ,लघु मस्तक, दाढ़ी में बाल कम रहते हैं।माध्यम कद तीखे नयन ,सुन्दर मुखाकृति ,पतले होंठ तथा दार्शनिक और वैज्ञानिक के समान नजर आते है।

मकर राशि का चिन्ह: मकर राशि का चिन्ह एक जंगली बकरा होता है जिसका पिछले हिस्सा मछली के सामान होता है।लेकिन जयपुर स्थित जंतर-मंतर में और कुछ प्राचीन ग्रंथो में मकर राशि चिन्ह में ऐसे प्राणी की बात की गयी है जिसका अगला हिस्सा हिरन का और पिछले हिस्सा मगर के सामान है।

मकर राशि का स्‍वामी: मकर राशि के स्वामी शनि देव होते है।

मकर राशि तत्व: मकर राशि एक पृथ्वी तत्व राशि है जो चलायमान है।

मकर राशि के इष्ट देवता: दुर्गा जी मकर राशि के इष्ट होते है।

मकर का रंग: मकर राशि का रंग काला और नीले और सफ़ेद से युक्त होता है।

मकर राशि का व्यवसाय: शनि का भूमि क्षेत्र से विशेष संबंध है । शनि पृथ्वी के भीतर पाये जाने वाले पदार्थ का कारक है।
इसमें लोहा संबन्धित कार्य , मशीनरी के कार्य , केमिकल प्रोडक्ट , ज्वलनशील तेल ( पैट्रोल, डीजल आदि ) , कुकिंग गैस , प्राचीन वस्तुएं , पुरातत्व विभाग।अनुसंधान कार्य , ज्योतिष कार्य , लोहे से संबंधित कच्ची धातु , कोयला , चमड़े का काम , जूते , अधिक श्रम वाला कार्य , नौकरी , मजदूरी , ठेकेदारी , दस्तकारी , मरम्मत के कार्य , लकड़ी का कार्य , मोटा अनाज , प्लास्टिक एवम रबर उद्योग , काले पदार्थ , स्पेयर पार्ट्स , भवन निर्माण सामग्री , पत्थर एवम चिप्स , ईट।

मकर राशि के संभावित रोग: मकर राशि जातको में अक्सर घुटनों में चोट, त्वचा रोग, खरोंच, हड्डी टूटना, गठिया, पित्ती आदि । बाल्यावस्था में अग्नि, हथियार या लोहे से चोट की आशंका रहती है।

मकर राशि में उच्च ,नीच और मूल ग्रह: मकर राशि मंगल की उच्च राशि है। वही गुरु मकर राशि में नीच का हो जाता है। तथा मकर शनि की मूल राशि है।

मकर राशि के लिए मंत्र: ॐ श्री वत्सलाय नमः

मकर राशि के लिए धातु: मकर राशि के लिए लोहा मूल धातु मानि गयी है।

मकर राशि के लिए रत्न: मकर राशि के लिए नीलम मूल रत्न मन गया है। लेकिन यह कुंडली में लग्न और कारक ग्रहो और सम्पूर्ण कुंडली को जानकर ही पहनने के योग्य होता है।

मकर राशि के लिए रुद्राक्ष: मकर राशि के लिए सात मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बारे में बताया गया है।

मकर राशि की दिशा: मकर राशि की दिशा दक्षिण होती है।

मकर की मित्र राशियाँ: वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला व कुंभ राशि वालों से अच्छे संबंध रहते हैं।

मकर की शत्रु राशियाँ: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक

मकर राशि नाम अक्षर: जिन लोगों के नाम का पहला अक्षर भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी है, वे मकर राशि के होते हैं।

यह भी देखिये: