सिंह राशि के व्यक्ति का स्वभाव और उपयोगी बातें – leo zodiac sign personality in hindi

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सिंह राशि क्या है: सिंह राशि काल पुरुष कुंडली और राशि चक्र की 5वीं राशि है तथा पूर्व दिशा की द्योतक है। इसका चिह्न शेर है। इसका विस्तार राशि चक्र के 120 अंश से 150 अंश तक है।सिंह राशि का स्वामी सूर्य है तथा राशि का तत्व अग्नि है। इसके अन्तर्गत मघा नक्षत्र के चारों चरण,पूर्वाफ़ाल्गुनी के चारों चरण, और उत्तराफ़ाल्गुनी का पहला चरण आता है।

सिंह राशि के व्यक्ति का स्वभाव और उपयोगी बातें

सिंह राशि के व्यक्ति का स्वभाव (Leo Zodiac sign Personality)

स्वभाव: इनके स्वाभाव में प्रभुत्वशाली, मुखर, ताकतवर, प्रशासन में सक्ष्म होते है । यह स्पष्टवादी, दयालु क्षमाशील, महत्वाकांक्षी, संकल्पशील भी होते है । पठन-पाठन के शौकीन होते हैं। आय सीमित होने पर भी शान से जीते हैं लोगों में आत्मविश्वास जागृत करने मे निपुण होते हैं।कह सकते है मोटिवेशनल होते है।

चाटुकारी से अप्रसन्न होते हैं। मुख्य गुण हैं इनका शांत स्वभाव। पूर्व दिशा की यात्रा और पूर्व दिशा की ओर मुख करके कार्य करना लाभकरी रहता हैं आत्मविश्वास और वस्तुओं का संग्रह इनकी सफलता के मूलाधार हैं। आत्मविश्वास और धैर्य के बल पर कठिन कार्य में भी सफल होते हैं। अवसर का लाभ उठाने से नहीं चूकते हैं।

नाटक, कविता और कलाओं में रूचि होती हैं राजा और परिवार के प्रति वफादार रहते है। सट्टेबाजी में रूचि होती हैं सरकारी नौकरी, पुलिस और सेना में सफल रहते हैं। किसी एक क्षेत्र में महारत हासिल करते हे। व्यक्तित्व आकर्षक होता हैं। विपरीत लिंग के व्यक्ति आकर्षित होते हैं।। दूरस्थ स्थान, पर्वतादि में घूमने के शौकीन होते हैं, ढंडे स्थानों से बचाव करत हैं।

सिंह राशि का प्रति शेर होता है शेर निडर और पराक्रमी होता है और उसे अपने आत्म बल पर भरोसा होता है।सिंह राशि के जातको में निडरता देखि जाती है। इनके अपने काम को समझने का एक अलग तरीका होता है। अगर कोई इनके वर्चस्व को स्वीकार करले कह सकते है की इनकी शरण में आ जाये तो इन जातको का संरक्षण लोगो का आगे बढ़ने में मदद करता है और मार्गदर्शन करता है।इन्हे अक्सर चुनोतिया पसंद नहीं आती और बेकार में किसी से दुश्मनी नहीं लेते ,किसी से उलझते नहीं।लेकिन किसी से अगर इनकी दुश्मनी हो जाती है तो ये उसे मिटा देते है कह सकते है शत्रु का दमन करते है।

यह अच्छे कलाकार होते है। इन्हे एक्टिंग करने का शौक होता है। अक्सर किसी भी बात का अभिनय के जरिये बता देते है । सिंह राशि एक अग्नि तत्व स्थिर राशि है जिसका स्वामी सूर्य है। इन्हे अपनी क्षमताओं पर भरोसा होता है इन्हे पता होता की कब क्या करना है । अक्सर इन्हे नया करना पसंद होता है कह सकते है की यह कार्य में क्रिएटिविटी ला सकते है।

यह किसी कार्य का शुरू करते है तो उसमे अनंत की सम्भावनाओ को व्यक्त करते है कार्य में कई नई चीजे ले कर आते है। इस राशि का स्वामी सूर्य होने के कारण इनमे स्वचालित ऊर्जा होती है। यह किसी के नियंत्रण में काम नहीं करना चाहते यह या तो अपना कार्य खुद करते है या एक अच्छे लीडर के रूप में अपने आप का दर्शाते है।

सिंह राशि शारीरिक संरचना:अच्छा कद, चौड़े कंधे और सुदृढ़ शरीर, प्रभावशाली व्यक्तित्च अंडाकार चेहरा, शरीर का ऊपरी भाग सुडौल, पतली कमर, नीली या पीली आंखे प्रायः सिंह राशि के जातको में देखीं जाती है।

सिंह राशि के व्यक्ति के लिए उपयोगी बातें

सिंह राशि चिन्ह: चिन्ह शेर होता है जिसे अंग्रेजी में लियो कहा जाता है। यही शेर माता बाघेश्वरी का वाहन भी है।

सिंह राशि स्‍वामी: सूर्य देवता होते है। सूर्य किसी के अधीन कार्य नहीं करता वैसे ही सिंह और सिंह राशि के जातको में ये गुण देखा जाता है।

सिंह राशि तत्व: एक अग्नि तत्व राशि है जिसके सवामी सूर्य देव है। अग्नि तत्व होने के कारण ही सिंह राशि के जातको में अक्सर उग्रता देखीं गयी है।

सिंह राशि इष्ट देवता:वैसे तो सूर्य देवता इस राशि के स्वामी होते है लेकिन अगर इष्ट की बात की जाये तो भगवान नरसिंह इष्ट होते है।भगवान शिव और बाघेश्वरी माता को भी इष्ट माना गया है इनकी भी उपासना करनी चाहिए।

सिंह राशि राशि का रंग: राशि का रंग सूर्य और अग्नि से से युक्त यानि लाल और नारंगी लिए होता है। गुलाबी और सुनहरा भी माना जा सकता है।

सिंह राशि व्यवसाय: जातक सरकारी नौकरी,सरकारी सेवा,उच्च स्तरीय प्रशासनिक सेवा,मजिस्ट्रेट ,सेना,राजनीति , सोने का काम करने वाले , जौहरी , फाईनान्सर , प्रबन्धक,राजदूत ,चिकित्सक (फिजिशियन), दवाइयों से संबंधी मैनेजमेंट , उपदेशक ,मंत्र कार्य , फल विक्रेता , वस्त्र , घास फूस ( नारियल रेशा , बांस तृण आदि ) से निर्मित सामाग्री,तांबा,स्वर्ण, माणिक,सींग या हड्डी के बने समान,खेती बाड़ी , धन विनियोग , बीमा एजेंट ,सरकारी मुखबीर ,गेहूं से संबंधी ,विदेश सेवा, ओषधि , चिकित्सा , सभी प्रकार के अनाज , लाल रंग के पदार्थ , शहद , लकड़ी व प्लाई वुड का कार्य , सर्राफा , वानिकी , ऊन व ऊनी वस्त्र , पदार्थ विज्ञान , अन्तरिक्ष विज्ञान , फोटोग्राफी , नाटक , फिल्मों का निर्देशन, इत्यादि.

सिंह राशि संभावित रोग: सनबर्न,लू लगना, मिर्गी, ज्वर, तानिका शोथ, हृदय रोग आदि।

सिंह राशि उच्च ,नीच और मूल ग्रह: सूर्य की स्व राशि है। इसमें कोई गृह उच्च और नीच का नहीं होता है।

सिंह राशि मंत्र: ॐ नृम नृम नृम नरसिंहाय नम

इस मंत्र का प्रति दिन 1 माला जाप करना चाहिए। इसके अलावा सूर्य मंत्र ॐ भास्कराये नमः का भी जाप किया जा सकता है।

सिंह राशि धातु: ताम्बा और स्वर्ण मूल धातु मानी गयी है।

सिंह राशि रत्न: माणिक मूल रत्न मन गया है। लेकिन यह कुंडली में लग्न और कारक ग्रहो और सम्पूर्ण कुंडली को जानकर ही पहनने के योग्य होता है।

सिंह राशि रुद्राक्ष: 5 मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बारे में बताया गया है।

सिंह राशि नाम अक्षर: इस राशि के नाम अक्षर मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे हैं।

सिंह राशि के बारे में संपूर्ण जानकारी आपको कैसी लगी ? आपने सिंह राशि के व्यक्ति का स्वभाव और उपयोगी बातें पढ़ी हमें उम्मीद है की यह जानकारी आपका मार्गदर्शन करेंगी ।