मीन राशि के व्यक्ति का स्वभाव और उपयोगी बातें – Pisces zodiac sign personality in hindi

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मीन राशि के व्यक्ति का स्वभाव: मीन राशि राशियों में बारहवे स्थान की राशि है वही काल पुरुष की कुंडली में इसका स्थान बारहवे भाव में है। मीन राशि का प्रतिक मछली है। मछली जल का प्रतिक है और जल ही जीवन का प्रतिक है,जीवन में आवश्यक है । जल का सम्बन्ध भावनाओ से होता है। मीन राशि के जातको के व्यक्तित्व में सब कुछ समां जाता है। इस राशि में एकात्म हो जाना और गहराई में समां जाना अपने कार्य को लेकर या अपने ज्ञान को लेकर ।

मीन राशि के व्यक्ति का स्वभाव,Pisces zodiac sign personality in hindi

मीन राशि के व्यक्ति का स्वभाव

  • इनकी आकृति अप्रभावशाली होती है, बेचेैन रहते हैं, कल्पनाशील ओर रोमांटिक होते हैं।
  • ईमानदार और मानवीय, कभी शांत तो कभी क्रोधी होते है।
  • अन्य की राय से प्रभावित रहते हैं, आत्म विश्वास में कमी होती है।
  • यह अत्याधिक सहानुभूतिपूर्ण, क्षमाशील, दयालु और भरोसेमंद होते हैं।
  • स्वयं की योग्यता को पहचानते है जिसकी वजह से प्रगति में बाधा रहती है।
  • परंपरावादी, अत्याधिक अंधविश्वासी, अकेले रहने वाले,या फिर ईश्वर भक्त, पक्के धार्मिक कर्मकांडी होते है।
  • जंतुओं के कष्ट को भी नही देख सकते हे और सहायता प्रदान करते हे।
  • महत्वाकांक्षाओ की कमी रहती है, भौतिक जगत में प्रगति धीमी रहती है।
  • दो व्यवसाय साथ-साथ हो सकते हैं, नये कार्य में भी शीघ्र दक्ष हो जाते हैं।
  • अच्छे कर्मचारी साबित होते हैं।घरेलू एवं व्यावसायिक जीवन आनंदमय होता है।
  • जीवन की सुंदरता, ज्ञान और ललित कलाओं को प्राथमिकता देते है।
  • प्रायः दो विवाह हो सकते हैं, जीवनसाथी का प्रभाव प्रबल रहता है। 
  • इस राशि के लोग दूसरे के मन को जानने का प्रयत्न करते है किसी की समस्या को जानने का प्रयत्न करते है ।लेकिन अगर इन्हे कोई पीड़ा भी दे तो उसे ज्यादा दिल से नहीं लगाते दिल पर नहीं लेते ।

शारीरिक संरचना: मीन राशि के जातको का नाटा और मोटा शरीर, हाथ-पांव काफी छोटे होते हैं। केश मुलायम, गोरा रंग, चेहरा कांतियुक्त होता है। सुंदर और आकर्षक, आखें बड़ी-बड़ी, मजबूत गोलाकार कंधे, ठोड़ी में गड्ढ़ा होता है।इसमें जातक के रहन -सहन,हाव -भाव काफी अलग अलग प्रकार के होते है।

मीन राशि का चिन्ह: चिन्ह मछली होती है।

मीन राशि का स्‍वामी: देवगुरु बृहस्पति होते है।

मीन राशि तत्व: जल तत्व राशि है।

मीन राशि के इष्ट देवता: विष्णु जी (सभी अवतार ) मीन राशि के इष्ट देवता होते है।

मीन राशि का रंग:  पीला लिए होता है।लेकिन वैदिक ज्योतिष होरा में मीन राशि का रंग श्वेत बतलाया गया है। 

मीन राशि का व्यवसाय: इस राशि के जातको को ब्राह्मण का कार्य , धर्मोपदेश का कार्य , धर्मार्थ संस्थान , धार्मिक व्यवसाय , कर्मकाण्ड , ज्योतिष , राजनीति , न्यायालय संबंधित कार्य , नयायाधीश , कानून , वकील , बैंकिंग कार्य , कोशाध्यक्ष , राजनीति , अर्थशास्त्र , पुराण , मांगलिक कार्य , अध्यापन कार्य , शिक्षक , शिक्षण संस्थाएं , पुस्तकालय , प्रकाशन , प्रबंधन , पुरोहित , शिक्षण संस्थाएं , किताबों से संबंधित कार्य , परामर्श कार्य , पीले पदार्थ , स्वर्ण , पुरोहित , संपादन , छपाई , कागज से संबंधित कार्य , व्याज कार्य , गृह निर्माण , उत्तम फर्नीचर, शयन उपकरण , गर्भ संबंधित कार्य, खाने पीने की वस्तुएं, स्वर्ण कार्य , वस्त्रोंसे संबंधित ,सभी प्रकार के फल , मिठाइयाँ इत्यादि |

मीन राशि के संभावित रोग: इनमे उदर रोग, घुटनों और पैरों की चोट की सम्भावना होती है।

मीन राशि में उच्च ,नीच और मूल ग्रह: मीन राशि शुक्र की उच्च राशि है। वही बुध मीन राशि में नीच का हो जाता है। तथा मीन गुरु की मूल राशि है।

मीन राशि के लिए मंत्र: ॐ क्लीं उद् धृताय उद्धारिणे नमः

मीन राशि के लिए धातु: सोना मूल धातु मानि गयी है।

मीन राशि के लिए रत्न: पुखराज मूल रत्न मन गया है।

मीन राशि के लिए रुद्राक्ष: पाँच मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बारे में बताया गया है।

मीन राशि की दिशा: उत्तर दिशा

मीन राशि की मित्र राशियाँ: मेष ,कर्क ,सिंह ,वृश्चिक ,धनु

मीन राशि की शत्रु राशियाँ: वृषभ ,मिथुन ,कन्या ,तुला ,मकर और कुम्भ

मीन राशि नाम अक्षर: दी,दू,थ,झ, दे, दो, चा, जी होता है

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